संजय राउत बोले- ममता बनर्जी ने Rahul Gandhi के साथ गलत किया
मुंबई: पश्चिम बंगाल के हालिया चुनावी परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने ममता बनर्जी के फैसलों पर सवाल उठाए हैं। संजय राउत के अनुसार, ममता बनर्जी द्वारा राहुल गांधी के सुझावों को नजरअंदाज करना एक बड़ी भूल साबित हुई। उन्होंने तर्क दिया कि यदि ममता बनर्जी और राहुल गांधी मिलकर चुनावी रणनीति पर चर्चा करते और साथ आते, तो बंगाल के चुनावी नतीजे निश्चित रूप से अलग हो सकते थे। राउत ने राहुल गांधी की दूरदर्शिता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके द्वारा की गई भविष्यवाणियां सच साबित हुई हैं।
चुनावी निष्पक्षता और विपक्षी एकजुटता पर सवाल
संजय राउत ने बंगाल और तमिलनाडु के चुनावी परिणामों पर अपनी असहमति जताते हुए यह गंभीर आरोप लगाया कि इन चुनावों को 'चुराया' गया है। उन्होंने राहुल गांधी को एक विजनरी नेता बताते हुए कहा कि उनके पास देश के भविष्य को लेकर स्पष्ट सोच है। इसके साथ ही उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए इंदिरा गांधी के दौर का जिक्र किया और कहा कि जिस तरह एक समय पूरे देश में सत्ता होने के बावजूद जनता ने इंदिरा गांधी को हरा दिया था, वैसा ही भविष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी का भी होने वाला है।
सत्ता के अहंकार और भाजपा के भविष्य पर कटाक्ष
भाजपा के बढ़ते प्रभाव पर प्रहार करते हुए शिवसेना नेता ने कहा कि वर्तमान में सत्ता पक्ष को यह भ्रम हो गया है कि वे पूरे देश के 'चक्रवर्ती सम्राट' बन चुके हैं। उन्होंने एक रूपक का इस्तेमाल करते हुए कहा कि जब दीया बुझने वाला होता है, तो उसकी लौ एक बार तेजी से बढ़ती है और फिर वह शांत हो जाता है, भाजपा की स्थिति भी वर्तमान में ऐसी ही दिखाई दे रही है। उनके अनुसार, भाजपा की यह सत्ता अब ढलान की ओर है और आगामी समय में राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
बंगाल में सत्ता परिवर्तन और नतीजों का विश्लेषण
पश्चिम बंगाल के चुनावी आंकड़ों की बात करें तो भाजपा ने इस पूर्वी राज्य में एक दशक से चले आ रहे ममता बनर्जी के गढ़ में सेंध लगाते हुए प्रचंड जीत हासिल की है। भाजपा ने 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत के साथ इतिहास रचा है, जिससे टीएमसी के 15 वर्षों के शासन का समापन हो गया है। इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को केवल 80 सीटों पर ही सफलता मिली है, जबकि कांग्रेस और वामपंथी दल जैसे अन्य विपक्षी दल दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके और केवल दो-दो सीटों तक ही सिमट कर रह गए।

शकरकंद के फायदे जानकर चौंक जाएंगे, सेहत के लिए बेहद लाभकारी
Delhi-NCR में बारिश और ओलावृष्टि, अचानक बदला मौसम का मिजाज
टिकट के बदले पांच करोड़ मांगने का आरोप, मनोज तिवारी ने मचाई सियासी हलचल
RR की बिक्री को लेकर विवाद गहराया, काल सोमानी ग्रुप ने लगाए आरोप
70 साल के हाजी खलील ने चौथा निकाह कर फिर मचाई चर्चा
United States का Beijing पर दबाव, टैरिफ पर सख्त रुख
कार्यकर्ताओं पर भी कार्रवाई होगी, भाजपा ने दिए कड़े संकेत